नर्मदा परिक्रमा: आरंभ से अंत तक संपूर्ण मार्गदर्शन.
- What is Narmada Parikrama?
नर्मदा परिक्रमा भारत की सबसे कठिन और पवित्र आध्यात्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। यह यात्रा नर्मदा नदी के तटों पर किंवदंतियों, तपस्याओं और दिव्य लोककथाओं से भरी है। भक्त लगभग 3300–3500 किलोमीटर की परिक्रमा पूरे नदी के दोनों किनारे (उत्तर तट – उत्तर वाहिनी, दक्षिण तट – दक्षिण वाहिनी) चलते हुए पूरी करते हैं।
यह यात्रा लगभग 3–6 महीने में पूर्ण होती है और पूरे मार्ग में साधक नर्मदा मैया के तट पर ही चलते है. - नर्मदा परिक्रमा कहाँ से शुरू होती है?
नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत आमतौर पर दो स्थानों से होती है: - अमरकंटक (मध्यप्रदेश)
नर्मदा का उद्गम स्थल — दिव्य पर्वतों के बीच स्थित।
यहीं से अधिकांश परिक्रमावासी यात्रा शुरू करते हैं क्योंकि नर्मदा मैया की जन्मभूमि यहीं है. - ओंकारेश्वर (मध्यप्रदेश)
कुछ भक्त अपनी परिक्रमा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग से भी आरंभ करते हैं — इसे नर्मदा मैया का हृदय माना जाता है। - Where does the Narmada Parikrama end?
परिक्रमा वहीं समाप्त होती है जहाँ से शुरू की जाती है:
- अगर अमरकंटक से शुरुआत तो वहीं पर समाप्त।
• अगर ओंकारेश्वर से शुरुआत, तो वहीं पर सम्पन्न होती है।
पूरी परिक्रमा में भक्त नर्मदा नदी को बाएँ हाथ की ओर रखते हुए चलते हैं।
- नर्मदा परिक्रमा का सम्पूर्ण मार्ग (Route-Wise)
परिक्रमा दो तरीकों से होती है: - बायीं परिक्रमाLeft Side – Uttar Vahini
- दायीं परिक्रमा (Right Side – Dakshin Vahini)
मुख्य मार्ग इस प्रकार है:
(1) अमरकंटक – उद्गम क्षेत्र
- कपिल धारा
• दुग्ध धारा
सोनमुड़ा
• लक्ष्मण झूला घाट
(2) मध्यप्रदेश का मार्ग
नर्मदा मैया मध्यप्रदेश से लम्बा रास्ता तय करती है:
• डिंडौरी
• Jabalpur – Bhedaghat
Bara-man Ghaut - Narmadapuram (Hoshangabad)
• nemaver
• सिद्धपुर
• बड़वानी – राजघाट
• ओंकारेश्वर – ज्योतिर्लिंग
• महेश्वर – अहिल्याबाई होल्कर की नगरी
(3) Road to Maharashtra
नर्मदा नदी थोड़ी दूरी के लिए महाराष्ट्र को स्पर्श करती है:
• शाहपुर
• दोघघाट
• मालखेडा क्षेत्र
(4) Gujarat Route
नर्मदा अपने विस्तृत रूप में गुजरात में प्रकट होती है: - गरुडेश्वर
केवड़िया – सरदार सरोवर डैम - विराटेश्वर
• भरूच – नर्मदा नदी का विशाल तट - Kaavda- where the river meets the ocean.
(5) Narmada Confluence – Sea
गुजरात के भरूच व कावड़ा क्षेत्र में नर्मदा अरब सागर में मिलती हैं।
परिक्रमावासी यहाँ तट पर प्रणाम करते हैं और फिर नदी के दक्षिण तट से वापसी यात्रा शुरू करते हैं।
- States falling on the pathway during Narmada Parikrama
नर्मदा नदी तीन राज्यों से होकर गुजरती है, इसलिए परिक्रमा में भी इन तीनों राज्य शामिल होते हैं: - मध्यप्रदेश (लंबाई- सबसे लंबा मार्ग लगभग 80%)
- महाराष्ट्र (छोटा हिस्सा – लगभग 5%)
- Gujarat (around 15%)
- Best Time to Undertake Narmada Parikrama
• October to March– most ideal period
• मौसम सुहावना रहता है
- भोजन, आश्रय व पानी रास्ते में अधिक सुविधाजनक रहता है
परिक्रमा करना गर्मियों में कठिन माना जाता है.
- Rules of Narmada Circumambulation
नर्मदा परिक्रमा कुछ खास नियमों के साथ की जाती है: - नदी हमेशा बाएँ हाथ की ओर रखकर चलना
2.Never to cross the river (exceptions at source and confluence) - सोना जमीन पर – बिस्तर नहीं
- Bikshatanam or Ordinary Food – Part of Sadhana
- Abstain from lying, theft, litigations, alcohol, and non-vegetarian practice of anybody
- यथासंभव पैदल चलना – वाहन परिक्रमा अधूरी मानी जाती है
- परिक्रमा की पौराणिक मान्यता
नर्मदा मैया को देवी रूप माना जाता है।
- पुराणों में इसे “पाताल गंगा” कहा गया है।
मान्यता है कि नर्मदा परिक्रमा करने से मनुष्य के 7 जन्मों के पाप कटते हैं। - स्वयम भगवान शिव ने भी नर्मदा तट पर तपस्या की थी।
- संत कवियों ने इसे “मोक्षदायिनी” कहा है।
- Major Religious Sites of Circumambulation
- Amarkantak – Narmada origin
- भेड़ाघाट – संगमरमर घाट
- ओंकारेश्वर – ज्योतिर्लिंग
- Maheshwar – Ahilyabai’s Palace
- Siddhnath Ghats
- गरुडेश्वर
- Kevadia – Sardar Sarovar
- कावड़ा – समुद्र संगम
- राजघाट – बड़वानी
- नर्मदा परिक्रमा कैसे करें? (Step by Step Guide)
Step 1 – Choose Location
अमरकंटक या ओंकारेश्वर से शुरुआत करें।
Step 2 – संकल्प लें
नर्मदा तट पर दीप जलाकर परिक्रमा का संकल्प लेते हैं।
Step 3 – Decide on a Route
- उत्तर तट से समुद्र तक
- समुद्र से दक्षिण तट होते हुए वापसी
Step 4 – Walk Regularly
प्रतिदिन10-20 किमी - आश्रम, घाट, धर्मशालाओं में रुकना
Step 5 – Orbit Termination
यात्रा उस बिंदु पर वापस आकर माता के चरणों में प्रणाम करके सम्पन्न होती है।
- Narmada Parikrama: How long does it take?
• Pedestrian circumambulation: 3 to 6 months
•ठंडी पदयात्रा: 1 वर्ष तक
• By Vehicle (is considered incomplete without): 20–30 days - Benefits of Circumambulating Narmada ।। नर्मदा परिक्रमा के लाभ
- मानसिक शांति
पापों का शमन - देवत्व को समर्पित
जीवन में संतोष
• मानसिक व आध्यात्मिक शक्ति - कठोर अनुशासन से जीवन नया रूप लेता है
- Conclusion
नर्मदा परिक्रमा सिर्फ यात्रा नहीं है बल्कि यह आत्मज्ञान और तपस्या का मार्ग है.
नर्मदा मैया के पावन तटों पर चलना मनुष्य को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक ले जाता है।
ये यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन इसका अनुभव जीवन भर की निधि है।

