ब्लड प्रेशर एक बीमारी और उसके इलाज .
प्रस्तावना
मानव शरीर की धमनियों में रक्त का प्रवाह एक निश्चित दबाव के साथ होता है ।इसी दबाव को रक्तचाप Blood Pressure कहा जाता है । सामान्य स्थिति में यह दबाव 120/80 मिमी एचजी mmHg माना जाता है । जब यह दबाव लगातार बढ़ जाता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर उच्च रक्तचाप/Hypertension कहा जाता है और जब यह बहुत कम हो जाता है तो इसे लो ब्लड प्रेशर Hypotension कहते हैं । ब्लड प्रेशर सिर्फ एक साधारण माप नहीं है बल्कि यह दिल , दिमाग और किडनी जैसी महत्त्वपूर्ण अंगों के स्वास्थ्य का दर्पण है । अगर यह असंतुलित हो जाए तो कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है ।
ब्लड प्रेशर क्यों होता है रोग ?
उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” कहा जाता है , क्योंकि यह धीरे–धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है और शुरुआत में इसके लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते ।
हाई ब्लड प्रेशर से दिल का दौरा Heart Attack , स्ट्रोक Brain Stroke , किडनी फेलियर जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं ।
लो ब्लड प्रेशर से चक्कर आना , बेहोशी , कमजोरी जैसी दिक्कतें होती हैं । इसीलिए समय रहते इसका पता लगाना और नियंत्रण करना बहुत जरूरी है ।
बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर जैसे–जैसे उम्र बढ़ती है , रक्त वाहिकाएँ कठोर होने लगती हैं । इस कारण बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप की समस्या आम हो जाती है ।
लक्षण
लगातार सिर दर्द आँखों में धुंधलापन सांस लेने में कठिनाई छाती में दर्द याददाश्त कमजोर होना कारण उम्र से जुड़ी धमनियों की कठोरता लंबे समय से गलत खानपान मधुमेह और मोटापा मानसिक तनाव उपाय कम नमक वाला भोजन करना हल्की कसरत व योग करना नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करना डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन युवाओं में ब्लड प्रेशर आजकल बदलती जीवनशैली के कारण युवा भी ब्लड प्रेशर से ग्रसित हो रहे हैं ।
लक्षण थकान और चिड़चिड़ापन नींद की कमी धड़कन तेज होना अचानक गुस्सा आना कारण फास्ट फूड और जंक फूड का सेवन धूम्रपान व शराब तनाव और चिंता मोबाइल , लैपटॉप पर ज्यादा समय नींद पूरी न होना .
उपाय
आहार लेना हरी सब्जियाँ , फल , अनाज नियमित व्यायाम व खेलकूद देर रात तक जागने से बचना तनाव कम करने के लिए ध्यान और प्राणायाम नशे से दूरी घरेलू उपचार ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में कुछ घरेलू नुस्खे बहुत कारगर हैं .
लहसुन – लहसुन की एक कली रोज खाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है ।
मेथी के दाने – भिगोकर सुबह खाली पेट लेने से फायदा होता है ।
अजवाइन और तुलसी – इनके रस का सेवन रक्तचाप सामान्य करने में मददगार है ।
नींबू पानी – हाई बीपी में नींबू पानी फायदेमंद है ।
गुनगुना पानी और शहद – लो बीपी में उपयोगी है ।
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज नियमित रूप से बीपी की जांच करें ।
ज्यादा नमक और तैलीय भोजन से बचें । हर दिन कम से कम 30 मिनट टहलना या व्यायाम करें ।
तनाव को कम करने के लिए संगीत , योग या ध्यान अपनाएँ । पर्याप्त नींद और आराम लें ।

