Homeblogरांची शहर के  आस पास पाँच पर्यटन स्थल.

रांची शहर के  आस पास पाँच पर्यटन स्थल.

रांची शहर के  आस पास पाँच पर्यटन स्थल.

रांची झारखंड की राजधानी जो 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर बना है।

 रांची की अगर चर्चा की जाए तो प्राचीन काल में यानी 15 नवंबर 2000 से पहले यह बिहार की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करती थी .रांची प्रकृति के गोद  में बसा हुआ एक ऐसा शहर है जिसका तापमान मसूरी ,ऊटी ,शिमला से मिलती है. रांची में पहाड़ी स्थान ,पार्क और धार्मिक स्थल मिलकर एक अनोखा दृश्य प्रस्तुत करता है जिस कारण भारतवर्ष की सैलानी रांची आने के लिए बेताब रहते हैं. यहां आने का  मौसम आपको मार्च अप्रैल से शुरू होकर जून तक रहता हैं .यहां बारिश भी बहुत ज्यादा होती है

आज रांची के आसपास में पांच प्रमुख दर्शनीय स्थलों की चर्चा करेंगे.

1.हुंडरू जलप्रपात.

यह स्वर्णरेखा नदी पर बना है इसकी ऊंचाई लगभग 98 मीटर है .यहाँ 98 मीटर की ऊंचाई से स्वर्ण रेखा नदी का पानी जमीन पर गिरता है ,जो एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है .मानसून के मौसम में यह जलप्रपात पूरे यौवन पर रहता है . मानसून के मौसम में जब आप इधर आएंगे तो यह जलप्रपात अपनी चरम स्थिति में होता है ,जिस कारण यह झरना बहुत अच्छा लगता है ।

इसका मुख्य आकर्षण है झरने के शीर्षतक  पहुंचने के लिए सीढ़ियां .

 बारिश के मौसम में आसपास हरियाली।  जलप्रपात के आस पास  आप आराम से बैठकर पिकनिक का भी आनंद ले सकते हैं.

2.रॉक गार्डन

 कांके डैम  के पास स्थित है जो मनुष्य के द्वारा बनाया गया है । छोटे-छोटे पत्थरों को कलात्मक ढंग से तराश कर इसे  उद्यान का शक्ल दिया गया है ,जो स्थापत्य कला का एक नमूना है । यह  पर्यटन को अपनी ओर आकर्षित करता है । यहां देखने के लिए पत्थर से बनी विभिन्न संरचना एवं मूर्तियां हैं । दूसरा पथर की कलाकृति  एवं  जल में  नौका  बिहार की सुविधा उपलब्ध है.

यही कारण है कि रॉक गार्डन सैलानियों का एक नया आनंद प्रस्तुत करता है और यहां पर सैलानी बरबस खींचे चले जाते हैं.

3.  जगरनाथ मंदिर

रांची के धुर्वा स्थित एक जगन्नाथ मंदिर है जो बहुत ही प्राचीन लगभग 16वीं 17वीं शताब्दी के आसपास बना हुआ है । यह प्राचीन मंदिर रांची का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पहचान है।  यह  जगरनाथपूरी के तर्ज पर मंदिर बनाया गया है । यह पहाड़ी चोटी पर स्थित है जो  पूरे शहर को मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है।

 इसकी मुख्य विशेषताएं हैं प्रतिवर्ष यहां आयोजित होने वाले  रथ यात्रा  जो पूरी के रथ यात्रा के समान होती है। उसी के समान यहां भी रथ यात्रा का आयोजन होता है।

 दूसरा मंदिर की वस्तु कला एवं शांत वातावरण ,तीसरा पहाड़ की चोटी से  रांची शहर का विहंगम दृश्य देख सकते हैं । आप जब  रांची कभी भी आए तो जगन्नाथ मंदिर जरुर दर्शन  करें । आपको रेलवे स्टेशन से जाने के लिए वहां आसानी से गाड़ी मिल जाती है .

4.दशम जलप्रपात

रांची से कुछ दूर पर यह स्थित है .इसकी तुलना  एक शांत  झरना  से भी से कर सकते हैं । दूर एवं  शांत होने के   कारण सैलानी कम ही इधर जाते हैं .यह प्रपात  विभिन्न धाराओं में बँटकर चट्टान पानी टकराता है जो एक सुखद अनुभव देता है । इसका मुख्य आकर्षण केंद्र है प्राकृतिक सुंदरता, जो बहुत ही शांतिप्रिय है।  दूसरा तस्वीर खींचने के लिए उत्तम स्थान और तीसरा आसपास ट्रैकिंग के अवसर । यानी छोटे-छोटे पहाड़ियों पर लोग घूमते फिरते हैं जो एक प्रकार का  सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है ।

5. बिरसा जैविक उद्यान

 बिरसा जैविक उद्यान रांची शहर से ओरमांझी जाने वाले रास्ते यानी रामगढ़ जाने वाले रास्ते में चिड़ियाघर है।  यहाँ विभिन्न प्रकार के पशु पक्षियों को लाकर  रखा गया है।  पशु पक्षी प्रेमी के लिए यह  एक आदर्श स्थान है । यहाँ  विभिन्न प्रजाति के जानवर  और पक्षी उनका प्राकृतिक आवास के अनुरूप वातावरण भी देखा जा सकता है।  इसकी मुख्य विशेषताएं हैं सफेद बाघ ,शेर, भालू विभिन्न प्रकार के जानवर हिरण आदि हैं । पार्क  में बच्चों के लिए खिलौना ट्रेन  सबसे अच्छा उटं साधन है ।

इन स्थानों पर घूमने का सबसे सर्वोत्तम समय  मार्च से जून तक का मौसम सबसे अच्छा रहता है । दूसरा मानसून या उसका तुरंत बाद तक जल प्रवाहित अधिक होता है , जिसके कारण जलप्रपात घूमने योग्य रहता है । शहर के अंदर घूमने के लिए  ऑटो रिक्शा या और अन्य साधन भी उपलब्ध है।  रांची अपने प्राकृतिक सौंदर्य और वातावरण के लिए जाना जाता है । यह स्थल शहर के आसपास घूमने योग्य है।  आप जब भी रांची आए तो इन छोटे-छोटे जगह  जरूर भ्रमण करें । रांची का तापमान उत्तम होता है इसलिए आप गर्मी के दिनों में आवे तो अद्भूत अनुभूति प्राप्त कर सकते हैं.

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