बच्चे को जरूर सिखाएं ये 10 अच्छी आदतें,घर आए मेहमान भी करेंगे तारीफ.
बच्चों को होशियार बनाने के लिए बचपन से ही कुछ चीजों को सिखाना जरूरी है।
हर माता-पिता का सपना होता है, कि उनका बच्चा होशियार हो। बड़ा होकर अच्छा नाम कमाए। इसके लिए अच्छी परवरिस देने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है, क्योंकि बच्चा बचपन में ही माता पिता को देखकर ही अच्छी और बुरी आदतों को सिखता है। कहते हैं कि एक छोटा बच्चा कोरे कागज की तरह होता है, इस दौरान माता-पिता उसे जो सिखाते हैं, बच्चे वही सिखते जाते हैं। इसलिए माता-पिता को छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर आप अपने बच्चों में बचपन से ही कुछ अच्छी आदतों को डालेंगे तो आगे चलकर आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बच्चों के सफल भविष्य को लिए मात-पिता को बचपन से ही बच्चों में कुछ चीजों को सिखानी चाहिए। आइए ऐसे 10 अच्छी आदतों को बारे में विस्तार से जानते हैं-
Good Manners
उनको बड़ों की इज्जत करना सिखाएं ताकि वह बिना चीखे चिल्लाए विनम्रता से अपनी बतों रख सकें। कहां पर किस तरह से बात करनी चाहिए, गुड मैनर्स और बैड मैनर्स क्या होता है इसके बारे में अच्छे से समझ होनी चाहिए। अपनी बड़ी बहन, बड़े भाई और घर के बुजुर्गों का सम्मान करें और बड़ों को पलटकर जवाब न दें।
Good Habits For Kids :
हर माता-पिता का सपना होता है, कि उनका बच्चा होशियार हो। बड़ा होकर अच्छा नाम कमाए। इसके लिए अच्छी परवरिस देने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है, क्योंकि बच्चा बचपन में ही माता-पिता को देखकर ही अच्छी और बुरी आदतों को सिखता है। कहते हैं कि एक छोटा बच्चा कोरे कागज की तरह होता है, इस दौरान माता-पिता उसे जो सिखाते हैं, बच्चे वही सिखते जाते हैं। इसलिए माता-पिता को छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर आप अपने बच्चों में बचपन से ही कुछ अच्छी आदतों को डालेंगे तो आगे चलकर आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आज इस लेख में ऐसे ही 10 आदतों के बारे में हम विस्तार से जानेंगे।
बचपन से ही बच्चों को सिखाएं ये अच्छी आदतें –
बच्चों के सफल भविष्य को लिए मात-पिता को बचपन से ही बच्चों में कुछ चीजों को सिखानी चाहिए। आइए ऐसे 10 अच्छी आदतों को बारे में विस्तार से जानते हैं-
गुड मैनर्स
उन्हें बचपन से बड़ों की इज्जत करना सिखाएं, जिससे वो बिना चीखे चिल्लाए अपनी बतों का ख्याल रख सके। कहां पर किस तरह से बात करनी चाहिए, गुड मैनर्स और बैड मैनर्स क्या होता है इसके बारे में अच्छे से समझ होनी चाहिए। अपनी बड़ी बहन, बड़े भाई और घर के बुजुर्गों का सम्मान करें और बड़ों को पलटकर जवाब न दें।
समय से सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत.
बच्चों को रात में निश्चित समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें। अगर बच्चे समय से सोते और समय पर उठते हैं, तो उनका दिमाग दिनभर एक्टिव रहता है। जिससे बच्चे का माइंड क्रिएटिव होता है।
मेहनत करना सिखाएं
कुछ पैरेंट्स अपने बच्चों को बचपन से सुकुमार बना देते हैं, जिससे आगे चलकर बच्चा छोटी-छोटी समस्याओं का भी सामना नहीं कर पता है। इसलिए उन्हें बचपन से ही समझाएं सफलता के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है, इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए जरूरी है कि बचपन से ही मेहनत करना सिखाएं। आप खुद बच्चे के सामने कोई शॉर्ट कट का प्रयोग ना करें।
किताबें पढ़ने की आदत डालें
बड़ों को देखकर ही बच्चें सीखते हैं, बच्चों में किताब पढ़ने की आदत डालने के लिए, उनके सामने खुद किताब पढ़ने की आदत डालें। आपको देखकर बच्चे में भी किताब पढ़ने की आदत विकसित होगी।
समय से सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत
बच्चों को रात में निश्चित समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें। अगर बच्चे समय से सोते और समय पर उठते हैं, तो उनका दिमाग दिनभर एक्टिव रहता है। जिससे बच्चे का माइंड क्रिएटिव होता है।
मेहनत करना सिखाएं
कुछ पैरेंट्स अपने बच्चों को बचपन से सुकुमार बना देते हैं, जिससे आगे चलकर बच्चा छोटी-छोटी समस्याओं का भी सामना नहीं कर पता है। इस लिए उन्हें बचपन से ही समझाएं सफलता के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है, इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए जरूरी है कि बचपन से ही मेहनत करना सिखाएं। आप खुद बच्चे के सामने कोई शॉर्ट कट का प्रयोग ना करें।
किताबें पढ़ने की आदत डालें
बड़ों को देखकर ही बच्चें सीखते हैं, बच्चों में किताब पढ़ने की आदत डालने के लिए, उनके सामने खुद किताब पढ़ने की आदत डालें। आपको देखकर बच्चे में भी किताब पढ़ने की आदत विकसित होगी।
समय का महत्व समझाएं
बचपन से ही बच्चों को समय को व्यर्थ में बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय का सद्उपयोग अच्छे कामों को करने या कोई क्रिएटिव चीज सीखने में लगाना चाहिए।
गलती स्वीकार करना भी सिखाएं
कई बच्चें हैं जिन्हें अपनी गलती स्वीकारने में शर्म आती है या वो अपना अपमान समझते हैं, जो आगे चलकर उनके कैरियर में बड़ा बाधक हो सकता है। इस लिए जरूरी है कि बच्चों में बचपन से ही सॉरी बोलने और अपनी गलती को स्वीकारने की आदत डालें।
माता-पिता से परमिशन लेने की आदत
कुछ बच्चे बहुत अधिक जिद्दी होते हैं, कुछ भी करने से पहले नहीं सोंचते। सभी काम अपने मन से करते हैं, जिसका गंभीर परिणाम हो सकता है, क्योंकि बच्चों में अधिक समझ नहीं होती है। इसके लिए बचपन से ही बच्चों में परमिशन लेने की आदत डालें।
शेयर करने की आदत डालें
आपने बहुत से ऐसे बच्चों को देखा होगा जिनकी चीजों को छूने भर से वो रोने लगते हैं। यह एक बुरी आदत है। इसके लिए बचपन से ही बच्चों में अपनी चीजों को दूसरों के साथ शेयर करने की आदत डालनी चाहिए।
सही गलत का फर्क समझाएं
बच्चों को सही और गलत का फर्क समझना ही जरूरी है और उन्हें इस बात की शिक्षा बचपन से ही की जानी चाहिए कि यह क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

